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प्रेरणा के पंख
Supriya Baijal
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तुम जीने की हो अभिलाषा, तुम हो जीवन की परिभाषा । तुम प्राण हो तुम श्वास हो, तुम आस्था-विश्वाश हो। तुम हो मेरी आराधना मेरे मन की कल्पना मेरे जीवन की प्रेरणा ।

तुम जीने की हो अभिलाषा, तुम हो जीवन की परिभाषा । तुम प्राण हो तुम श्वास हो, तुम आस्था-विश्वाश हो। तुम हो मेरी आराधना मेरे मन की कल्पना मेरे जीवन की प्रेरणा ।